जन्मदिन विशेष : जब मुसलमान को इंसाफ द‍िलाने को धरने पर बैठ गए थे योगी आदित्‍यनाथ
भगवा, हिंदुत्‍ववादी छवि के पुरोधा योगी आदित्‍यनाथ का आज जन्‍मद‍िन है। इस मौके पर आपको रूबरू कराते हैं उनकी ज‍िंदगी के कुछ अनसुने किस्‍सों से।

जन्मदिन विशेष : जब मुसलमान को इंसाफ द‍िलाने को धरने पर बैठ गए थे योगी आदित्‍यनाथ

भगवा हिंदुत्‍ववादी छवि के पुरोधा योगी आदित्‍यनाथ का आज जन्‍मद‍िन है। कोरोना महामारी को पटखनी देने और उत्‍तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता को सुरक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास में लगे योगी आदित्‍यनाथ 48 साल के हो गए हैं। गोरखपुर से पांच बार सांसद रहे योगी 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बने। बेबाक अंदाज और कठोर छवि के लिए मशहूर योगी ने प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था और सुशासन स्‍थापित करने की दिशा में अभूतपूर्व काम किया है। हालांकि उन पर हमेशा से ही मुस्लिम विरोधी होने के आरोप लगते रहे हैं। 

लेकिन एक सच ये भी है कि अगर आप योगी आदित्‍यनाथ की जिंदगी के पन्‍ने पलटना शुरू करेंगे तो आपको कई ऐसी कहानियां मिलेंगी जिससे आपके मन का यह भ्रम दूर हो जाएगा कि वह मुस्लिमों से नफरत करते हैं। गोरखपुर की गलियां ऐसी कहानियों से भरी पड़ी हैं। इसमें बहुत सी तो लोकोक्तियों में बदल चुकी हैं कि कैसे योगी ने लोगों के लिए मदद के हाथ बढ़ाए, कैसे वह घटनास्थल पर पहुंचते और पुलिस पर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दबाव बनाते। 

सांसदी के शुरुआती दिनों की बात है। योगी आदित्‍यनाथ को पता चला कि बलदेव प्लाजा मार्केट में एक मुसलमान दर्जी से फिरौती की मांग की शिकायत पर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है तो उन्होंने फैसला किया कि वह पुलिसिया रवैये के खिलाफ सड़क पर धरना देंगे। गर्मी की उस दोपहर उनके एक करीबी ने उन्हें समझाया भी- अरे छोड़िए, कहां एक मुसलमान के पीछे धरना देंगे। योगी ने उसे झिड़कते हुए कहा- वह व्यापारी पहले है। उस करीबी को योगी व अन्य सहयोगियों के साथ उस तपती सड़क पर धरने पर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ा। धरना तीन घंटे चला और तभी खत्म हुआ जब पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। 

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